आपकी 'तरल बुद्धि' (Gf) कुछ हद तक प्रशिक्षण और कार्यशील-स्मृति अभ्यास से सुधर सकती है, पर मूल सामान्य बुद्धि (g) काफ़ी हद तक आनुवंशिक होती है और इसमें नाटकीय, स्थायी छलांग दुर्लभ है। शिक्षा, नींद, पढ़ना और व्यायाम संज्ञानात्मक क्षमता को बनाए रखने और निखारने में सबसे विश्वसनीय रूप से मदद करते हैं।
हाँ, कुछ हद तक — खासकर तरल बुद्धि (Gf) और मापे गए स्कोर में मामूली सुधार संभव है। शिक्षा के अतिरिक्त वर्ष लगातार थोड़े उच्च IQ स्कोर से जुड़े पाए गए हैं, और टेस्ट से परिचय भी स्कोर को थोड़ा बढ़ाता है। लेकिन मूल सामान्य बुद्धि (g) में बड़ी, स्थायी वृद्धि के पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
सबसे विश्वसनीय तरीके हैं औपचारिक शिक्षा, नियमित पढ़ना और कार्यशील-स्मृति का लक्षित अभ्यास। ये सोचने की दक्षता, तर्क और समस्या-समाधान कौशल को मज़बूत करते हैं, जिससे संज्ञानात्मक प्रदर्शन बेहतर होता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इनका असर निरंतर अभ्यास से आता है, किसी एक 'जादुई' तकनीक से नहीं।
अधिकांश 'ब्रेन-ट्रेनिंग' ऐप्स और शॉर्टकट के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाते हैं। शोध बताते हैं कि इन खेलों में आप मुख्यतः उसी विशेष खेल में बेहतर होते हैं, पर यह सुधार सामान्य बुद्धि या रोज़मर्रा की समस्या-समाधान क्षमता में बहुत कम स्थानांतरित होता है। तेज़ी से IQ कई अंक बढ़ाने के वादे आमतौर पर वैज्ञानिक रूप से असमर्थित होते हैं।
पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक व्यायाम और संतुलित आहार आपकी मौजूदा संज्ञानात्मक क्षमता को बनाए रखने और चरम पर लाने में मदद करते हैं। नींद की कमी, तनाव और गतिहीन जीवनशैली ध्यान, स्मृति और प्रसंस्करण गति को घटा देती है। यानी अच्छी जीवनशैली IQ को 'बढ़ाती' भले न हो, पर आपको आपकी पूरी क्षमता पर प्रदर्शन करने में मदद ज़रूर करती है।
हाँ, बचपन में मस्तिष्क अधिक लचीला (plastic) होता है, इसलिए समृद्ध शैक्षिक और पोषण-संपन्न वातावरण का प्रभाव अधिक होता है। प्रारंभिक उम्र में अच्छी शिक्षा, किताबें, भाषा-संपर्क और उत्तेजक गतिविधियाँ दीर्घकालिक संज्ञानात्मक विकास में बड़ी भूमिका निभाती हैं। वयस्कों में भी सीखना जारी रहता है, पर बदलाव आमतौर पर अधिक मामूली होते हैं।