- PASS का अर्थ है योजना (Planning), ध्यान (Attention), तथा युगपत (Simultaneous) और क्रमिक (Successive) प्रसंस्करण — दास और नागलियरी द्वारा प्रस्तावित ये चार संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ न्यूरोसाइकोलॉजी पर आधारित हैं।
- यह कारक-विश्लेषण से शुरू होने के बजाय न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट अलेक्ज़ेंडर लूरिया के इस काम पर आधारित है कि मस्तिष्क की भिन्न प्रणालियाँ सूचना को किस तरह संभालती हैं।
- कॉग्निटिव असेसमेंट सिस्टम (CAS) इन चारों PASS प्रक्रियाओं को मापता है और इसका उपयोग विशेषकर शैक्षणिक तथा नैदानिक संदर्भों में होता है।
- PASS बुद्धि को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से जोड़ता है और किसी व्यक्ति की विशिष्ट प्रसंस्करण-शक्तियों व कमज़ोरियों को उजागर कर सकता है, जिससे शिक्षार्थियों के लिए सहायता को अनुकूलित किया जा सके।
PASS का क्या अर्थ है?
PASS का अर्थ है योजना (Planning), ध्यान (Attention), तथा युगपत (Simultaneous) और क्रमिक (Successive) प्रसंस्करण — दास और नागलियरी द्वारा प्रस्तावित ये चार संज्ञानात्मक प्रक्रियाएँ न्यूरोसाइकोलॉजी पर आधारित हैं।
यह सिद्धांत कहाँ से आया?
यह कारक-विश्लेषण से शुरू होने के बजाय न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट अलेक्ज़ेंडर लूरिया के इस काम पर आधारित है कि मस्तिष्क की भिन्न प्रणालियाँ सूचना को किस तरह संभालती हैं।
इसे मापा कैसे जाता है?
कॉग्निटिव असेसमेंट सिस्टम (CAS) इन चारों PASS प्रक्रियाओं को मापता है और इसका उपयोग विशेषकर शैक्षणिक तथा नैदानिक संदर्भों में होता है।
यह उपयोगी क्यों है?
PASS बुद्धि को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली से जोड़ता है और किसी व्यक्ति की विशिष्ट प्रसंस्करण-शक्तियों व कमज़ोरियों को उजागर कर सकता है, जिससे शिक्षार्थियों के लिए सहायता को अनुकूलित किया जा सके।