- 1904 में चार्ल्स स्पीयरमैन ने पाया कि विभिन्न मानसिक परीक्षणों के स्कोर आपस में सकारात्मक रूप से सहसंबंधित थे। इसने सुझाव दिया कि सभी के पीछे एक साझा अंतर्निहित क्षमता काम कर रही है।
- कारक विश्लेषण एक सांख्यिकीय विधि है जिसे स्पीयरमैन ने विकसित करने में मदद की। यह कई मापों के बीच के पैटर्न से उन छिपे हुए साझा कारकों को उजागर करती है जो उन्हें जोड़ते हैं।
- स्पीयरमैन ने इस साझा क्षमता को 'जी' यानी सामान्य बुद्धि कहा, और प्रत्येक परीक्षण के लिए विशिष्ट कौशल को 'एस' कहा। उनके अनुसार किसी भी मानसिक कार्य में प्रदर्शन 'जी' और 'एस' दोनों पर निर्भर करता है।
- 'जी' मनोविज्ञान की सबसे टिकाऊ खोजों में से एक है और शोध में आज भी प्रभावशाली है। फिर भी कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बुद्धि की पूरी कहानी नहीं — मानव क्षमताएँ कहीं अधिक विविध हैं।
स्पीयरमैन ने क्या खोजा?
1904 में चार्ल्स स्पीयरमैन ने पाया कि विभिन्न मानसिक परीक्षणों के स्कोर आपस में सकारात्मक रूप से सहसंबंधित थे। इसने सुझाव दिया कि सभी के पीछे एक साझा अंतर्निहित क्षमता काम कर रही है।
कारक विश्लेषण क्या है?
कारक विश्लेषण एक सांख्यिकीय विधि है जिसे स्पीयरमैन ने विकसित करने में मदद की। यह कई मापों के बीच के पैटर्न से उन छिपे हुए साझा कारकों को उजागर करती है जो उन्हें जोड़ते हैं।
'जी' कारक का क्या अर्थ है?
स्पीयरमैन ने इस साझा क्षमता को 'जी' यानी सामान्य बुद्धि कहा, और प्रत्येक परीक्षण के लिए विशिष्ट कौशल को 'एस' कहा। उनके अनुसार किसी भी मानसिक कार्य में प्रदर्शन 'जी' और 'एस' दोनों पर निर्भर करता है।
'जी' का विचार आज कितना मान्य है?
'जी' मनोविज्ञान की सबसे टिकाऊ खोजों में से एक है और शोध में आज भी प्रभावशाली है। फिर भी कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बुद्धि की पूरी कहानी नहीं — मानव क्षमताएँ कहीं अधिक विविध हैं।